कुंडली जन्म के समय पर ग्रहों की स्थिति का आलेख है जिसमे सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू, केतु आदि ग्रहों का आंकलन किया जाता है ताकि भविष्य की घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके | भारतीय ज्योतिष में जन्म कुंडली का एक महत्वपूर्ण स्थान है | कुछ लोग इसे मानते हैं कुछ लोग मिथ्या बताते है | इस विषय पर आपके विचार आमंत्रित हैं | प्रबुद्ध पाठक अपने विचारों को नीचे दिए कमेन्ट बाक्स में लिखकर भेजें |

इस ज्योतिष की वेबसाईट का संचालन अशोक प्रजापति करते हैं | उनके लिखे लेख पढ़कर पाठक अपने मन की जिज्ञासा को शांत कर सकते हैं | अशोक प्रजापति जी का मानना है कि यदि ईश्वर ने ज्ञान दिया है तो उसे दीपक की भाँती प्रज्ज्वलित करके उसका प्रकाश संसार में फैलाना चाहिए |

जन्म कुंडली आपके भविष्य का दर्पण है जिसे पढने के लिए ज्ञान के साथ साथ अनुभव की भी आवश्यकता होती है | यदि चार किताबें पढ़कर भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाना सहज होता तो प्रत्येक व्यक्ति आज ज्योतिषाचार्य होता | इस वेबसाईट के हर आर्टिकल को कृपया मनोरंजन और ज्ञान की दृष्टि से देखें |

अपना भविष्य जानने के लिए अपना पूरा जन्म विवरण नीचे दिए कमेन्ट बाक्स में लिखकर भेजें | आपके एक प्रश्न का उत्तर अशोक प्रजापति जी स्वयं देंगे | कृपया कोई भी प्रश्न करने के लिए कम से कम ५० शब्दों का प्रयोग करें |

 

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