विश्व सुंदरी का खिताब जीतने वाली ऐश्वर्या राय आज 44 साल की हो गई है फिर भी उतनी ही खूबसूरत दिखाई देती है जितनी यह खिताब जीतने के दौरान नजर आती थी यानि तारीख थी। (1-11-1973)

आज उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए हम कामना करते हैं कि उनकी खूबसूरती और ऐश्वर्या बरकरार रहे लंबे समय तक भाग्य उनका साथ दे।

उनकी जन्म कुंडली मेरे सामने है जिसमें लग्न में ही सूर्य नीच राशि में बैठे हैं अब यहां एक विरोधाभास उत्पन्न हो गया है क्योंकि नीच के सूर्य को कभी अच्छा नहीं माना जाता।

जो लोग पल भर में कुंडली देखकर भविष्यवाणी करते हैं उन्हें इस बात से सीख लेनी चाहिए कि विश्व सुंदरी का खिताब जिसे प्राप्त हुआ है उसके लग्न में ही सूर्य नीच राशि में मौजूद है तो उसके पीछे कोई ठोस कारण रहा होगा।

 

मैंने ऐश्वर्या राय की कुंडली के षोडश वर्ग का अध्ययन किया है जिसमें सूर्य काफी मजबूत है यह सूर्य नीच राशि का होकर भी उनके लिए उच्च से अधिक फल दे रहा है क्योंकि सूर्य का नीच भंग मंगल कर रहा है दूसरा सूर्य की षोडश वर्ग में स्थिति बहुत ही निर्मल है।

उनकी जन्म तारीख भी 1 नवंबर है 1 का अंक उनके जीवन का महत्वपूर्ण अंक रहा है नंबर 1 सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है।

जिस समय उन्होंने विश्व सुंदरी का खिताब जीता था उस तारीख को देखिए (19-11-1994)

मूलांक महीने का अंक और साल का अंक यह तीनों एक से शुरू होते हैं उसमें अंक एक का योगदान अवश्य रहता है जिस दिन इन्हें पद्म श्री अवार्ड मिला वह तारीख देखिए।

इस समय सूर्य अपनी उच्च राशि में था।

इसके पश्चात इनकी जितनी हिट फिल्में आई हैं ।

जोधा अकबर (15-2-2008)

 

देवदास (12-7-2002)

 

ताल   (13-8-1999)

 

आ अब लौट चले   (22-1-1999)

 
ऐश्वर्या राय के जीवन में अंक 1 और अंक 9 की आवृत्ति बार-बार हुई जब-जब मंगल और सूर्य का आमना सामना हुआ मंगल और सूर्य की ग्रह स्थिति स्पष्ट हुई तब-तब ऐश्वर्या राय के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण हुआ इनके जन्म लग्न में मंगल और सूर्य की जोड़ी ने इन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचा दिया
ऐश्वर्या राय के जीवन से हम यदि कुछ सीख सकते हैं वह यह है कि सूर्य यदि जन्म कुंडली में नीच राशिगत भी हो तो भी उसकी भविष्यवाणी बड़े ध्यान से करनी चाहिए।
यदि हम ध्यान से देखें तो उनकी जन्म कुंडली से बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है गुरु, सूर्य का नीच राशि में होना फिर भी उनके जीवन में कोई अंतर नहीं आया ज्योतिष के बहुत से सिद्धांत उनकी जन्म कुंडली मैं गलत साबित होते दिखते हैं परंतु सिद्धांत कभी गलत नहीं होते आवश्यकता है उन्हें ध्यान से देखने की और गहराई से परखने की।
किसी भी कुंडली को 5 मिनट में देखकर भविष्यवाणी करना ना केवल गलत बल्कि ज्योतिष के ज्ञान को नष्ट करने के समान है।

 

सूर्य जो उनकी राशि में नीच राशिगत है उसी ने ऐश्वर्या राय को नाम और शोहरत दी और सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

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