संसार में 12 राशियां है एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए शनि को ढाई साल लगते हैं अब क्योंकि शनि एक बहुत बड़ा ग्रह है इसलिए एक राशि में रहने की इसकी अवधि के कारण जाना जाता है परंतु शनि से लोग भयभीत इसलिए रहते हैं क्योंकि धीरे चलने के कारण उस शनि अपना फल भी धीरे देता है अर्थात हर काम में विलंब होता है यहां तक कि यदि आपके लिए शनि शुभ भी है तो भी आपको जो कुछ मिलेगा बहुत धीरे-धीरे प्राप्त होगा 25 जनवरी के पश्चात शनि मकर राशि में भ्रमण करेगा पूरे ढाई साल के लिए इस तरह से इस वर्ष की शुरुआत शनि के राशि परिवर्तन से हो रही है कहने की आवश्यकता नहीं कि पूरे विश्व पर इसका असर पड़ेगा

आज की पोस्ट में पाठकों को यह बताने की कोशिश करूंगा कि ऐसा क्यों कहा जाता है कि शनि जिस राशि में होता है केवल उस पर नहीं बल्कि अगली और पिछली राशि पर भी असर डालता है

कुंडली का बारवा घर खर्च का स्थान माना जाता है यह खर्च किसी भी चीज का हो सकता है समय का पैसे का श्रम का या कुछ और इससे अगला स्थान है लग्न जो आपका शरीर आपका व्यक्तित्व आपके सम्मान और गरिमा का है फिर बारी आती है दूसरे घर की दूसरा घर यानी आप का परिवार आपके घर के सदस्य आपकी जमा पूंजी और आपके बोलने की शक्ति आपके वादे इरादे तथा आपके द्वारा अर्जित की गई दुआएं

कुम्भ राशि की साड़े साती

कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती शुरू हो रही है अर्थात बार में घर में शनि आया है मकर राशि वालों के शनि लग्न में विराजमान रहेगा और हम धनु राशि वालों की उतरती हुई साढ़ेसाती है अर्थात आखिरी ढाई साल बचे हैं इसलिए कुंडली के दूसरे घर में शनि की स्थिति रहेगी

अब प्रश्न उठता है कि कि से डरना चाहिए शनि की स्थिति से

यदि आप की कुंभ राशि है अभी तक आपने अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाई हैं अपने कर्तव्यों का भरण पोषण नहीं किया है कभी किसी की सहायता नहीं की है मुसीबत में पड़े हुए व्यक्ति रिश्तेदार दोस्त के यदि आप काम नहीं आए हो जिसे मदद की जरूरत थी उसकी समय पर मदद कर सकते थे परंतु नहीं की तो यह ढाई साल आपको यादगार रहेंगे इस दौरान आपको मदद की जरूरत पड़ सकती है आपकी जमा पूंजी पर शनि आ गया है यह ढाई साल खर्चों के हैं

अब आते हैं मकर राशि पर

यदि अभी तक आपने आराम की नौकरी की है यदि दोस्तों रिश्तेदारों आदि से दूर रहे हैं या फिर पत्नी ससुराल बालों से आपकी नहीं जमती अपने स्वास्थ्य के प्रति यदि आप अब तक लापरवाह रहे हैं यदि आपने हमेशा जिद की है और जिद पर अड़े रहे हैं या यूं कहें कि सफलतापूर्वक अपनी जिद मनवाई है यदि आपकी मकर राशि है और दूसरों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है किसी की बदनामी की है झूठी निंदा की है तो शनि के इस भ्रमण से आपको भयभीत रहने की आवश्यकता है

शनि और धनु राशि की साढ़ेसाती

यदि आप की धनु राशि है और घर में बूढ़े बुजुर्ग मौजूद हैं या घर में कोई अस्वस्थ हालत में है तो शनि का यह भ्रमण घर के उस सदस्य के लिए कष्ट कर साबित हो सकता है परंतु शनि के इस भ्रमण से आपको कतई भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है यदि आपने किसी को कभी कटु वचन नहीं बोले किसी का दिल नहीं दुखा या वक्त पड़ने पर दोस्तों संबंधियों रिश्तेदारों की मदद नहीं की यदि आपने बुजुर्गों का सम्मान किया है और उनकी सेवा की है यदि आपने दान द्वारा पुण्य कमाया हुआ है यदि आपने किसी के बुरे वक्त में उसे सांत्वना दी है किसी को हिम्मत बंधाई है किसी को मोटिवेट किया है यदि आपने सत्य का साथ देने का कठिन निश्चय किया है और उसकी सजा पाई है तो शनि के इस भ्रमण से आपको कतई डरने की आवश्यकता नहीं है

साढ़े साती में क्या होता है

शनि का साढ़ेसाती ढैया या गोचर भ्रमण काल चाहे वह किसी भी राशि में हो कष्ट कर तभी रहता है जब पिछले 5 साल के दौरान जातक अपने चरित्र से गिरता है राशन की दुकान है और मिलावटी सामान की बिक्री करना बुरा है थोड़े से फायदे के लिए जो बेईमानी की जाती है उसके प्रतिशत के हिसाब से नुकसान भी भोगना पड़ता है यदि भ्रष्टाचार किया हो रिश्वत ली हो तो डरने की आवश्यकता है क्योंकि इंसाफ का तराजू शनि के हाथ में है जिसे हम प्रलोभन देकर या डरा कर शांत नहीं करा सकते हां समय पर उपाय करते रहेंगे तो शनि जो हमारी परीक्षा लेता है उसकी तीव्रता कम कर देता है


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