अधिकतर लोगों को इस बात का एहसास हो जाता है कि उनकी नौकरी जाने वाली है। आजकल स्थिति कुछ ऐसी है कि बहुत से लोग इस असमंजस में हैं दुविधा में हैं कि कब बुरी खबर नौकरी के विषय में सुनाई देगी।

अब आइए चर्चा करते हैं कि नौकरी जाने की नौबत कब आती है, मैंने इस विषय पर काफी खोजबीन की और विश्लेषण के बाद पाया कि मुख्य तौर पर तीन कारण गलतफहमी, आलस और इंतज़ारहै जो अच्छी भली नौकरी छोड़ने को मजबूर कर देते हैं।

  1. गलतफहमी
  2. आलस्य
  3. इंतज़ार

गलतफहमी

तो दोस्तों सबसे पहली बात तो यह है की गलतफहमी का कारक ग्रह राहु होता है यह हमारे मन में एक तरह की इनसिक्योरिटी,असुरक्षितता की भावना मन में पैदा करता है। रही सही कसर राहु का सहायक केतु पूरी कर देता है।

नौकरी मे गलतफहमी

नौकरी एक ऐसी चीज है जिसमें गलतफहमी का माहौल पाया जाता है यह गलतफहमी का माहौल दोनों तरफ होता है कर्मचारी वर्ग में भी और स्वामी वर्ग में भी।

अपनी 12 बरस की नौकरी में मैंने गहराई से इसका अध्ययन किया है। मेरे साथ ही काम करने वाले मेरे मित्र अनुराग ने एक दिन कहा मेरे पास काम की कोई कमी नहीं है,कई प्रोजेक्ट हैं। रिसेशन चाहे जितना मर्जी हो जाए मुझे नहीं निकालने के बारें में सोच भी नहीं सकते और यदि निकालभी दिया तो मुझसे ज्यादा नुकसानतो इनकोही उठाना पड़ेगा।

एक और सज्जन थे प्रभास, उन्हें लगता था कि फलां टीम के 3 सदस्य बेकार की तनख्वाह ले रहे हैं उन्हें निकालने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

अब गलतफहमी जब दूर हुई तो दोनों तरफ से हुई। पहली गलतफहमी,  अनुराग की जगह काम करने के लिए एक व्यक्ति को अपॉइंट कर लिया गया कम सैलरी पर।प्रभास ने तीनों सदस्यों को कंपनी से निकाल दिया परंतु सारा काम प्रभास को संभालना पड़ा। बाद में कंपनी को उन तीन सदस्यों की भरपाई करने के लिए कई महीने लग गए काफी नुकसान भी हुआ।

आलस्य

कहते हैं सोमवार की सुबह जब काम पर जाने का मन ना करें तो समझ लीजिए नौकरी बदलने का समय आ गया है।एक नौकरी पेशा व्यक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन आलस्य है और आलस्य का सबसे बड़ा दुश्मन है बेरोजगारी, जब एक होता है तो दूसरा नहीं होता।

नौकरी मे आलस्य

कुछ सीढ़ियां नीचे की तरफ जाती है सबसे पहली सीढ़ी है, आलस्य दूसरी सीढ़ी है, नौकरी छूटना तीसरी सीढी है, धन का नष्ट होना चौथी,नींद का उड़ जानापाँचवी, इससे निचली सीढ़ी पर व्यक्ति दूसरे लोगों को दिखाई देना बंद हो जाता है।

आइए अब बात करते हैं आलस्य से संबंधित ग्रह स्थिति की।

जन्मकुंडली का 12वां स्थान भोग-विलास,ऐशों-आराम का है और यहां का कारक शुक्र है। शुक्र भी इन्हीं चीजों का कारक है जब आपके जीवन में जन्मकुंडली के बारहवें घर के स्वामी की दशा आती है या शुक्र का समय जब आपके जीवन में आता है तो अनेक प्रकार के ऐश आराम आपको मिलने शुरू हो जाते है। धीरे-धीरे शुक्र की गिरफ्त में लोग फँसते चले जाते हैं और यहां से शुरू होती है आलस्य कीऔर जीवन में  नीचे जाने वाली सीढ़ीकी।

12 राशियों में से आलस्य किन लोगों में अधिक होता है इस पर हम किसी और जगह चर्चा करेंगे।

लंबा इंतजार शनि की वजह से

नौकरी जाने का एक और कारण है वह है लंबा इंतजार।आप में से कई लोग होंगे जो लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं कि कब समय करवट लेगा और वर्तमान पोजीशन से मुक्ति मिलेगी। कई साल हो गए एक ही काम करते हुए। अब मुझे चेंज चाहिए ऐसा हर समय आप सोचते रहते हैं। आप जानते हैं कि यह इंतजार क्यों करना पड़ता है मैं बताता हूं।

नौकरी मे इंतजार

इन सब के पीछे कारण है शनि। सबसे धीरे चलने वाला यह ग्रह जब आपकी जन्मकुंडली के नौवें घर को प्रभावित करता है तो फिर चाहे शनि की स्थिति जन्मकुंडली के तीसरे घर में हो,सातवें घर मेंहो,नौवें घर मेंहो या फिर बारहवें घर में,तब इंतजार आपका पीछा नहीं छोड़ता। लगभग पूरी जिंदगी किसी ना किसी तरह के इंतजार में कट जाती है। ऐसा लगता है कि कई जन्मों से आप इंतजार कर रहे हैं। पूर्वजन्मों के आलस्य के फलस्वरूप इस जन्म में शनि की ऐसी ग्रह स्थिति जातक को मिलती है।

इसलिए कुछ लोग इरिटेट होकर नौकरी छोड़ने का कठिन फैसला कर बैठते हैं

नौकरी छूटने से बचने के उपाय

इनके अतिरिक्त नौकरी जाने केऔर कारण भी हो सकते है परंतु इस समय मुद्दे की बात करूंगा कि यदि नौकरी जाने का खतरा उत्पन्न हो जाए तो क्या किया जाए जिससे नौकरी की चिंता दूर हो जाए।

जमीनी तौर पर आप यह कर सकते हैं कि अपना एटीट्यूड और गुस्सा घर छोड़कर विनम्र हो जाए। जितना अधिक हो सके ऑफिस के हर व्यक्ति से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें जैसे आपकी नौकरी कल नहीं आज ही जाने वाली हो।

पहला उपाय

पहला उपाय,एक लोहे की रॉड लीजिए उसे आग पर गर्म कीजिए जब  वहपूरी तरह से लाल हो जाएतो उसे पानी में बुझा दीजिए। एक दिन में तीन बार ऐसा करने से आपके अंदर इतना पेशेंस आ जाएगा कि आपको कुछ मुश्किल नहीं लगेगा।

दूसरा उपाय

दूसरा उपाय पहले समझ ले फिर कीजिए जिस तरह आप आजीविका के लिए काम पर जाते हैं उसी तरह छोटे छोटे जीव चीटियां अपने घर से निकलती हैं खाने की तलाश में और निरंतर भंडारण करती रहती हैं।  कुछ ऐसा कीजिए कि चीटियों को उनका भोजन उनके बिल के पास निरंतर कुछ समय तक मिलता रहे।  ऐसा करने से हो सकता है आपकी जरूरत आपके ऑफिस में पहले से अधिक बढ़ जाए।

साधना

तीसरा उपाय एक सरल साधना है, जिसमें आपको एक मंत्र पढ़ना है। इस मंत्र का जाप निरंतर 43 दिन तक करने पर या तो आप की नौकरी या तो बच जाएगी या फिर नई नौकरी का इंतजाम हो जाएगा। इस मंत्र को सार्वजनिक रूप से लिखना एक तरह से इस मंत्र कोई शक्ति को समाप्त करने जैसा हो जाएगा। इसलिए जिन्हें यह मंत्र चाहिए वह हमसे संपर्क करके ईमेल द्वारा इस मंत्र को प्राप्त कर सकते हैं।


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