बिजनेस शुरू करना आसान है परंतु उसे सफलतापूर्वक चलाने के लिए काफी चीजों की आवश्यकता पड़ती है। यदि आप भी कोई बिजनेस करना चाहते हैं तो ज्योतिष आपकी मदद कर सकता है।इस आर्टिकल के माध्यम से मैं आपको बताने जा रहा हूं कि बिजनेस को सफलतापूर्वक चलाने के कौन से ग्रहसहायक होते हैं।
सर्वप्रथम, किस वस्तु का बिजनेस करना चाहिए? उत्तर है कि उस खास वस्तु का करना चाहिए जो किसी भी व्यक्ति का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में समर्थ हो और कोई चाह कर भी जिसकी उपेक्षा न कर सके। किसी भी तरह के बिजनेस को शुरू करने के लिए आवश्यकता होती है किसी खास चीज की जिसकी तरफ हर किसी का ध्यान आकर्षित हो।
इसके अतिरिक्त कुछ अन्य चीज़ें जैसेकि क्रिएटिविटी और नेतृत्व क्षमता होना भी आवश्यक है। इसमे कोई शक नहीं है कि क्रिएटिविटी बिजनेसमैन की लाइफ लाइन होती है।काम करने वाले कर्मचारी बहुत मिल जाते हैं लेकिन उनसे काम करवाने के लिए नेतृत्व क्षमता का होना बहुत आवश्यक है।

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दूरदर्शिता

दूरदर्शिता का मतलब है कि दूर देखना। यहाँ दूरदर्शिता से अभिप्राय है कि भविष्य में क्या होने वाला है उसका पहले से सही अनुमान लगाना। यदि आपने कभी शतरंज खेली है तो आपको पता होगा कि एक चाल चलने से पहले आप सामने वाले की अगली चाल का अंदाजा लगाते हैं और अपनी दूसरी चाल को पहले से ही ध्यान में रखते हुए अपनी पहली चाल चलते हैं। बिजनेस में भी यही करना होता है लेकिन  दूरदर्शिता के अभाव में आप बिजनेस को लंबे समय तक नहीं चला सकते। यदि हममे दूरदर्शिता है तो हम सही समय पर सही और कड़े फैसले ले सकते है।
ज्योतिष के अनुसार सही समय पर सही फैसले लेने की क्षमता हमें देता है सूर्य। इसलिए सूर्य का विचार कुंडली में कर लेना आवश्यक है।

अनुभव,एक्सपीरियंस

एक अंधेरे कमरे में प्रवेश करने के पश्चात तुरंत कुछ दिखाई नहीं देता परंतु अंधेरे में कुछ समय रहने के बाद आंखे अंधेरे की अभ्यस्त हो जाती है और धीरे-धीरे अंधेरे में दिखाई देना शुरू हो जाता है और आप सब कुछ देखने लगते हैं परंतु इसमें समय लगता है।इस समय को धैर्य कहा जाता है और धैर्य से अनुभव आता है।
ठीक यही बिजनेस में होता है जब आप किसी नए बिजनेस में प्रवेश करते हैं तो उसमें आप कुछ समय बिताते हैं,धैर्य रखते है, अनुभव प्राप्त करते है। यही एक्सपीरियंस है। कुंडली का बारहवाँ घर समय की बर्बादी का है परंतुयदि यह बारहवाँ भाव अनुकूल होने पर एक्सपीरियंस देता है।

क्रिएटिविटी

जो आपने आज सोचा है वह कितनों ने पहले सोचा होगा किया होगा और कर रहे होंगे। आपके बिजनेस में क्या खास है यह प्रश्न महत्वपूर्ण है।जब आप इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ लेते हैं यानि कि दुनिया के समक्ष कुछ नया प्रस्तुत करते हैं तो वह आपकी क्रिएटिविटी बन जाती है।इसे रचनातक्ता भी कहते है अर्थात किसी चीज़ की रचना करना।
किसी भी व्यक्ति में यह क्रिएटिविटीया रचनातक्ता चंद्रमा पैदा करता है। चंद्रमा एक ऐसा ग्रह है जो सतत परिवर्तनशील है और सवा दो दिन बाद यह परवर्तित होता है। यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा अनुकूल नहीं है तो आपको आवश्यकता पड़ेगी किसी ऐसे व्यक्ति की जो क्रिएटिव हो अर्थात जो काम आप कर सकते थे अब क्रिएटिविटी के अभाव में आपको किसी और पर निर्भर रहना पड़ेगा।
अक्सर कुछ लोग अनेक लोगों से सलाह लेते हैं छोटी-छोटी बात दूसरों से पूछ कर करते हैं। बड़े फैसले खुद नहीं ले पाते और दूसरों से सलाह लिए बगैर उनका कोई काम नहीं होता। यह सब चंद्रमा के अनुकूल न होने पर होता है। वहीं दूसरी ओर यदि चंद्रमा अनुकूल है तो लोग आपके पास आएंगे सलाह लेने।

अनुकूल समय

यदि आपको हीटर की फैक्ट्री खोलनी है तो अन्य बातों के अतिरिक्त अनुकूल समय की भी प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। क्योंकि यह काम आप गर्मियों में नहीं शुरू कर सकते इसलिए आपको सर्दी का इंतजार करना पड़ेगा। बिजनेस में इसे अनुकूल समय कहा जाता है और इसका बहुत महत्व है।
हमारे लिए ग्रहों की दशा अंतर्दशा बदलती रहती है। एक साल से लेकर हर ढाई, तीन साल बाद ग्रहों की दशा बदलती है। इसके अतिरिक्त गोचर में बैठे ग्रह भी पूरी तरह से ढाई साल बाद बदल जाते हैं।
यदि वर्तमान में शनि आपकी जन्मकुंडली के पहले,दूसरे,चौथे,आठवें, दसवें,या बारहवें भाव में विराजमान है तो निश्चित तौर पर आपको शनि के राशि बदलने का इंतजार करना होगा।क्योंकि बिजनेस के सफलतापूर्वक चलाने के लिए सबसे अधिक मेहरबानी इसी ग्रह की होनी चाहिए।

नेतृत्वक्षमता

यदि आप एक होटल चलाना चाहते हैं तो आपको प्रशिक्षित और अनुभवी रसोइए की मदद चाहिए क्योंकि आपका खाना यदि अच्छा है तो लोग बार-बार आएंगे। संभव है कि आपरसोइये पर पूरी तरह से निर्भर हो जाएं। एक बार आप अपने कारीगरों परनिर्भर हो गए तो कारीगर मनमानी करने लगते हैं औरयदि  आप उन्हें ना संभाल पाए तो यह आपकी नेतृत्व क्षमता की कमजोरी दर्शाता है।
नेतृत्व की क्षमता हमें कई ग्रह देते हैं इनमें से सूर्य,मंगलऔर बृहस्पति प्रमुख हैं। इनमें से किसी एक ग्रह की कृपा यदि कुंडली में आपके जन्म लग्न या जन्मराशि पर हो जाए तो किससे कैसे काम लेना है यह आपके लिएबहुत आसान हो जाएगाअर्थात आपमें जन्मजात नेतृत्व क्षमता होगी।

जन्मजात बिजनेसमैन

नौकरी करते हुए एक एमएनसी में मैंने अपने आसपास के लोगों का व्यवहार देखा है। मैंने अनुभव किया है कि जो नौकरी करते हैंउनमे से अधिकतर नौकरी के लिए ही बने होते हैं। वे कभी भी नौकरी छोड़ना पसंद नहीं करते। लेकिन इसके विपरीत बिजनेस कभी भी नौकरी नहीं कर सकता। 

बिजनेसमैन की ग्रह स्थिति

एक बिजनेसमैन बनने के लिए ग्रह स्थिति उतना मायने नहीं रखती जितना व्यक्ति की सोच। एक व्यक्ति ने 50 साल की उम्र तक नौकरीकरने के बाद एक छोटासा बिजनेस खोल लिया और वह बिजनेस चल रहा है। ऐसा आपने अनेक बार देखा होगा तो जो व्यक्ति नौकरी करता है,ऐसा बिलकुल जरूरी नहीं कि वह कभी बिजनेस कर ही नहीं सकता।जरूरत और अनुभव जब दोनों मिलते हैं तो बिजनेस में सफलता अपने आप मिलने लगती हैं।
फिर भी एक सफल बिजनेसमैन बनने के लिए बुधग्रह की कृपा अवश्य होनी चाहिए क्योंकि बुधग्रह  घोड़े को घास से दोस्तीनहीं करनेदेता।

अपनों की शुभकामनाएं

अक्सर आपने देखा होगा कि बिजनेसमेन बहुत मीठा बोलते है। मीठी जुबान लिए व्यापारी को आपने व्यापार करतेअवश्य देखा होगा। वे हर किसी को राम-राम कहकर दूसरों की शुभकामनाएं अर्जित कर ही लेते हैं। इसका कारण है कि आखिर मिलनसार लोगों से दुआ-सलाम करने में किसी को क्या दिक्कत महसूस होसकती है। पड़ोसियों के साथ साथ मित्रों, रिश्तेदारों,सगे-संबंधियों से यदि आपके संबंध अनुकूल हैं तो व्यापार में यह आपके लिए सफलता की पहली सीढ़ी है।अपनों की शुभकामनाएं इसीलिए बहुत जरूरी है। यदि आप जल्द ही बिजनेस शुरू करने वाले हैं तो हमारी शुभकामनाएं सबसे पहले आपके साथ हैं।