भारतीय ज्योतिष में जन्मकुंडली केवल लग्न और चन्द्र लग्न तक सीमित नहीं है | षोडशवर्ग जिसे कि अधिकतर नजरअंदाज कर दिया जाता है जन्मकुंडली और फलादेश का महत्वपूर्ण अंग है | यदि एक कुंडली को गहराई से देखा जाए तो एक दिन और एक महीना भी काफी नहीं है |

ज्योतिषाचार्य और ज्योतिष के जानकार तक इस ओर अधिक समय खर्च करने से परहेज करते हैं | कारण केवल इतना है कि समय किसके पास है |

षोडश वर्ग की श्रृंखला में सबसे पहले आता है नवमांश | जन्मकुंडली के नौवें अंश को नवमांश कहा जाता है | कहने को यह कुंडली का एक छोटा भाग है परन्तु आश्चर्य की बात है कि नवमांश से पत्नी या जीवन साथी के विषय में सही सही अनुमान लगाया जा सकता है |

जीवन साथी का रंग रूप कैसा होगा | स्वभाव कैसा होगा |  चरित्र और शिक्षा कैसी होगी | जीवन साथी की नौकरी या कारोबार की क्या स्थिति होगी | यहाँ तक कि जीवन साथी किस व्यवसाय या पद से सम्बन्ध रखेगा | आर्थिक स्थिति क्या होगी | परिवार बड़ा होगा या छोटा | भाई बहनों के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है | यदि चरित्र में कोई दोष हो तो पता चल सकता है | विवाह से पहले कितने सम्बन्ध थे या हैं | विवाह के बाद का समय कैसा रहेगा | शादी सफल होगी या नहीं, आदि |

 

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किसी भी कुंडली का विशलेषण करते समय सबसे पहले लग्न और लग्नेश की स्थिति देखी जाती है | नवमांश लग्न यदि राहू केतु शनि या मंगल से युक्त हो तो पति या जीवन साथी कूर स्वभाव का होता है | स्त्री दुराचारिणी होती है | यदि केवल राहू का असर नवमांश लग्न पर हो तो जीवन साथी जो कुछ दिखाई देता है वैसा नहीं होगा |

नीचे दी गई कुंडली देखें | यह एक महिला की कुंडली है जो बैंगलोर की रहने वाली है | नवमांश कुंडली का विशलेषण करके हम इस महिला के पति के बारे में थोडा अनुमान लगाने की कोशिश करेंगे |

लग्न पर बुध और शनी की दृष्टि यानी कद लम्बा और शरीर संतुलित | शनि से रंग सावला और बुध से गोर वर्ण होता है परन्तु यहाँ शनी का बल अधिक है इसलिए सांवला रंग और लम्बा कद होगा | आँखें छोटी और शरीर पर बाल कम होंगे |

बुध की दृष्टि लग्न पर है यानी इस महिला का पति चालाक अवश्य होगा | चंद्रमा लग्न के पीछे है | यानी व्यक्ति की माँ या तो विदेश में रहती है या फिर दूर किसी शहर में | पिता के विषय में सूर्य से अनुमान लगाया जा सकता है | सूर्य जो वृश्चिक के मंगल के साथ है | आय का साधन पुलिस या सेना से जुड़ा हो सकता है | हड्डियों के डाक्टर या सर्जन सूर्य और मंगल के योग से बनते हैं | सूर्य के दोनों ओर ग्रह हैं यानी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी | आय और व्यय में संतुलन होगा | पंचम भाव को देखते हैं यानी किन्ही दो क्षेत्रों में व्यक्ति पारंगत होगा | जैसे कि मंगल से तकनीकी और सूर्य से admin.  शुक्र केतु दशम में हैं, शुक्र बलवान है तो केतु शुक्र का बल और अधिक बढ़ा रहा है यानी कारोबार या नौकरी में व्यक्ति अच्छा सेटल है | हो सकता है अपना कारोबार हो या फिर आराम की नौकरी क्योंकि शुक्र तो सुख सुविधा और आराम का कारक ग्रह है फिर यह बलवान भी है | अब चौथा घर देखें | गुरु शनी और राहू की युति में गुरु यानी बृहस्पति को नुक्सान होता है | शनि अपना पाप प्रभाव त्याग कर सन्यासी जैसा हो जाता है और राहू की बात करें तो यह किसी निश्चय तक पहुँचने में बाधा डालने का कार्य करता है | कोई जमीन या फिर झगड़े की जगह होगी जिसका झगड़ा चल रहा है | चौथा घर कोर्ट कचहरी है शनी और राहू का होना विवाद को जन्म देता है | इस विवाद में गुरु यानी दादा का सम्बन्ध है |

अब जानते हैं कि हकीकत क्या है | जब इस महिला को यह सब बताया गया तो उसने कहा कि उसकी शादी नहीं हुई है परन्तु उसके प्रेमी में उपरोक्त अधिकतर चीजें मेल खाती हैं |

Navmansh Kundli Example

इस विषय में थोडा और अध्ययन की आवश्यकता होगी परन्तु जितना ऊपर लिखा गया है उससे यह तो स्पष्ट है कि जीवन साथी हो या प्रेमी, नवमांश से काफी कुछ जानकारी हासिल होती है |

मेरा यह मानना है कि यदि नवमांश को जन्म कुंडली के साथ मिलाकर फलादेश किया जाए तो न केवल वर्तमान बल्कि भावी जीवन का आकलन करके जातक को भविष्य की घटनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा सकती है |

इस सम्बन्ध में आपके विचार और सुझाव आमंत्रित हैं |

 

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5 Comments

sumastro · January 11, 2017 at 1:23 pm

महाशय प्रणाम एक अनुरोध है विवाह कब होगा कृपया देखिये ? प्रेम विवाह है या अरेंज्ड विवाह ?
पत्नी की रूप रंग कद विद्या नौकरी विवाह की दिशा अगर हो सके तो कृपया बतायें

Date of Birth: 10 February 1981 Tuesday
Time of Birth: 21:43 (=09:43 PM), Indian Standard Time
Place of Birth: Bhubaneswar (Orissa), India
Latitude: 20.13N Longitude: 85.50E
Gender : Male

I am a B Tech E&T Engg I work as Software Engineer in Bangalore.

Sumit

    creativehelper · February 19, 2017 at 4:59 am

    कुंडली में प्रेम विवाह का योग होने का तात्पर्य हमेशा यह नहीं होता कि प्रेम विवाह ही होगा इस सन्दर्भ में मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि प्रेम विवाह के योग होने पर निकट सम्बन्धी या किसी परिचित से भी विवाह हो सकता है यह मैं उपरोक्त कुंडली में स्पष्ट देख रहा हूँ

      sumastro · March 14, 2017 at 6:56 pm

      सर प्रणाम एवं धन्यवाद ।
      या मेरा कुंडली है। सर कृपया विवाह कब होगा पत्नी कैसी होगी सुंदरता जॉब प्रफ़ेशन विद्या वैवाहिक जीवन ससुराल कैसा रहेगा विवाह उपरांत आर्थिक उन्नति कैसा होगा कृपया बताएँ
      सुमित

        creativehelper · April 18, 2017 at 8:56 am

        For that much questions you should apply for paid reading,

    creativehelper · April 18, 2017 at 8:57 am

    You have chances of arranged marriage.

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