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चौदह फेरे – या दो शादियाँ

चौदह फेरे

जन्मकुंडली पर हमारा कोई वश नहीं है हमें पूर्व जन्मों के कर्मों के अनुसार भाग्य मिलता है परंतु बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि कभी-कभी लोगों को दो शादियां बोल कर इतना डरा दिया जाता है कि लोग पहले से ही यह समझ लेते हैं कि उनकी दो शादियां होंगी ताली दो हाथ से बजती उसी तरह शादी का ...

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ऐश्वर्या राय जन्म कुंडली

aishwarya-rai-horoscope

विश्व सुंदरी का खिताब जीतने वाली ऐश्वर्या राय आज 44 साल की हो गई है फिर भी उतनी ही खूबसूरत दिखाई देती है जितनी यह खिताब जीतने के दौरान नजर आती थी यानि तारीख थी। (1-11-1973) आज उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए हम कामना करते हैं कि उनकी खूबसूरती और ऐश्वर्या बरकरार रहे लंबे समय तक भाग्य उनका साथ ...

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रवीना टंडन के ग्रह है खास

Raveena-Tandon

रवीना टंडन उन अभिनेत्रियों में से है जिन्हें अपने समय में सुपरस्टार का ताज मिला। रवीना की लोकप्रियता का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि उनके समय में कोई और अभिनेत्री इन के समकक्ष नहीं थी। रवीना टंडन का आज जन्मदिन है और आज का हमारा लेख इस शुभ अवसर पर उन्ही को समर्पित है। काफी ...

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धनु राशी में शनी के राशी परिवर्तन का आप पर प्रभाव और उपाय

धनु राशी में शनी के राशी परिवर्तन का आप पर प्रभाव और उपाय

26 अक्टूबर के पश्चात शनि धनु राशि में होगा और अड़ाई वर्षों के लिए धनु राशि में ही रहेगा। जब भी शनि राशि परिवर्तन करता है समय करवट लेता है। जिंदगी बदलती है दुनिया बदलती है और दुनिया गति पकड़ती है हम इस राशि परिवर्तन को एक ख़ास नजर से देख रहे हैं। हम चाहते है दुनिया पर शनि के ...

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कुंडली परिणति चोपड़ा की

Parneeti Chopra

परिणीति चोपड़ा का आज जन्मदिन है 22 अक्टूबर साल 1988 के दिन इस प्रतिभाशाली अदाकारा का जन्म हुआ। अंक ज्योतिष के अनुसार परिणिति का मूलांक दो + दो = चार बनता है इनका भाग्यांक भी 4 ही है। 2+2+10+1+9+8+8= 40 4+0=4 इनके जीवन में अभी तक 4 के अंक की आवृत्ति नहीं हुई है फिर भी सम संख्या के अंकों ...

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भाग्यशाली तारीखे – रानी मुखर्जी

Why Number 3 is lucky for Rani Mukherjee

रानी मुखर्जी एक ऐसी अदाकारा है। जिन्होंने अपने जीवन में सफलता के सर्वोच्च शिखर को महसूस किया है। ना केवल फिल्मों बल्कि पारिवारिक जीवन में भी वह भाग्यशाली रही है। जैसा की मैंने अपने पिछले लेख में कहा है कि हर व्यक्ति का कोई एक ग्रह ऐसा होता है। जो बार बार जीवन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। रानी ...

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आपकी जन्म तारीख में छुपे हैं जीवन के राज

आपकी जन्म तारिख में छुपे हैं जीवन के गहरे राज

ज्योतिष में जन्म तारीख महत्वपूर्ण होती है उतनी ही महत्वपूर्ण जीतने की आपके जीवन में होने वाली घटनाएं महत्त्वपूर्ण घटनाएं। आपकी जन्म तारीख का गहरा संबंध होता है आपके जीवन में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ। आपकी जन्म तारीख में छुपे हैं जीवन के गहरे राज । आपकी जीवन साथी के साथ पहली मुलाकात की तारीख। आपकी सगाई की तारीख। ...

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कुंडली में कायापलट

Kayapalat - कायापलट

कायापलट का अर्थ यहाँ पर जीवन बदलने से है | कोई व्यक्ति बहुत समय से परेशान चला आ रहा है अचानक उसकी परेशानियों का अंत हो जाए और सब कुछ अच्छा होने लगे तो इसे कायाकल्प का नाम दिया जा सकता है | हर व्यक्ति के लिए कायाकल्प के मायने अलग हो सकते हैं | कायापलट शारीरिक रूप से हो ...

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पुत्र प्राप्ति के लिए हनुमान जी की साधना

Lord Hanuman Worship for Male Child

पांचवां घर कुंडली में संतान का कारक होता है | ऐसा माना जाता है कि पचम भाव पर स्त्री ग्रहों का अधिक प्रभाव होने से कन्या सन्तान अधिक होती हैं | परन्तु मैंने बहुत सी कुंडलियाँ देखीं हैं जिनमे केवल पुत्र कारक ग्रहों का प्रभाव पंचम भाव और गुरु पर था फिर भीपुत्र  संतान के लिए लोग तरसते रहे | इस सन्दर्भ में उन सभी लोगों की कुंडलियों का गहराई से अध्ययन अन्वेषण किया गया जो पुत्र सुख से वंचित रहे थे | कहीं पति की कुंडली में कमी दिखाई देती तो कभी पत्नी की कुंडली में | फिर जो बात मेरी समझ में आई वह ये है कि जन्म मरण के विषय में भविष्यवाणी करना और बात है परन्तु कुदरत हर कदम पर हमारे नियमों को ठुकरा सकती है | हम कितना भी गणित लगायें पर जन्म और मृत्यु पर भविष्यवाणी करने के लिए गणना कीं नहीं सिद्धि की आवश्यकता होती है | पुत्र सन्तान न होने के पीछे कारण चाहे जो भी हों जिस उपाय की चर्चा मैं यहाँ कर रहा हूँ वह आश्चर्यजनक रूप से काम करता है और इस उपाय को कई लोगों ने आजमाया है | नियम से करने पर इस उपाय से पुत्र सन्तान अवश्य होती है | परन्तु हनुमान जी की साधना आसान नहीं है | जब भी हनुमान जी की पूजा का संकल्प लिया जाता है तो सर्व प्रथम शर्त होती है ब्रह्मचर्य | यदि आप निश्चित दिनों के लिए अपने मन पर संयम रख सकते हैं तो यह साधना आप कर सकते हैं | इस साधना के लिए मूंगे की माला का प्रयोग करें तो अच्छा है नहीं तो रुद्राक्ष की माला भी चलेगी | शुक्ल पक्ष के मंगलवार से प्रारम्भ करके हनुमान चालीसा का एक सौ आठ बार जप रोजाना करें | जप रात्री में किया जाए तो उत्तम है | स्नान ध्यान और शुद्धि का ध्यान रखें | स्त्री स्पर्श,मांसाहार और मदिरा का सेवन साधनाकाल के दौरान और साधना के बाद साठ दिनों तक वर्जित है | लाल रंग का आसन लगाकर हनुमान जी के समक्ष बैठ कर धुप दीप आदि से पूजनोपरांत प शुरू करें | चालीस दिन के बाद आप के अन्दर इतनी शक्ति आ जायेगी कि हर चीज तुच्छ लगने लगेगी | साहस उत्साह और स्फूर्ति का एहसास तीसरे दिन से होने लगेगा | चालीस दिन बाद दुष्कर कार्य भी आप आसानी से कर पायेंगे | कुछ साधकों को हनुमान जी के स्वप्न में दर्शन भी होते हैं | एक बात का ध्यान रखें कि हनुमान जी की पूजा से पहले श्रीराम जी का ध्यान अवश्य कर लें | इस साधना के फलस्वरूप आपके वीर्य में पुत्र उत्पन्न करने की क्षमता का विकास कई गुना हो जाएगा | स्तम्भन शक्ति भी पहले से कई गुना बढ़ जायेगी | आवश्यकता है चालीस दिनों के परहेज की,  दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति ...

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पत्नी की कुंडली है नवमांश चक्र

Life partner's horoscope Interpretation

भारतीय ज्योतिष में जन्मकुंडली केवल लग्न और चन्द्र लग्न तक सीमित नहीं है | षोडशवर्ग जिसे कि अधिकतर नजरअंदाज कर दिया जाता है जन्मकुंडली और फलादेश का महत्वपूर्ण अंग है | यदि एक कुंडली को गहराई से देखा जाए तो एक दिन और एक महीना भी काफी नहीं है | ज्योतिषाचार्य और ज्योतिष के जानकार तक इस ओर अधिक समय ...

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