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Shadi Kab Hogi - शादी कब होगी

शादी कब होगी – कुंडली में विवाह का योग

हम जीवनसाथी की तलाश कर रहे होते हैं उस समय जन्म कुंडली के अनेक योग बनते और बिगड़ते हैं। शादी कब होगी ये जानने के सैकड़ों योग होते हैं जो आपकी शादी करवा सकते हैं परंतु उससे भी अधिक योग होते हैं जो शादी नहीं होने देते असल जिंदगी में ऐसा ही होता है।

जीवनसाथी की तलाश में जिस समय मेल कराने वाले ग्रह अधिक हो और रिश्ता तोड़ने वाले ग्रह निर्बल हो उस समय में शादी हो जाती है आज हम आपको बताएंगे कि शादी के लिए जिम्मेदार ग्रह स्थिति क्या होती है।

शादी के विशिष्ट योग

लड़की की कुंडली में गुरु और लड़के की कुंडली में शुक्र को जीवनसाथी का प्रतीक माना जाता है परंतु हम देखें तो शायद शादी के समय का सही अनुमान ना लगा पाए क्योंकि इन दोनों ग्रहों के अस्त होने के दौरान यह ग्रह निर्बल होते हैं और निर्बल ग्रह शादी नहीं करवाते। इसलिए परंपरागत नियमों का आना जाना तो लगा रहता है ख़ास बात तब है जब आपको शादी की भविष्यवाणी करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण ग्रह स्थिति का पता चल जाए। आइये जानते हैं क्या ग्रह स्थिति होती है शादी के समय।

जीवन का एक मोड़ शादी

शादी के पश्चात हमारी जिंदगी में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं इसलिए यह देखना बहुत आवश्यक है कि आपके ग्रहों में बड़ा फेरबदल कब हो रहा है क्योंकि आप की शादी के पश्चात भी सब कुछ बदलने वाला है इसलिए ऐसे ग्रहों को देखिए जो किसी बड़े बदलाव का इशारा कर रहे हैं।
 प्रस्तुत कर रहा कुछ ऐसे विशिष्ट योग जिसमें शादी का शुभ संजोग बनता है
  •  जब किसी ग्रह की महादशा समाप्त होती है उस समय शादी का योग बनता है।
  • शनि की साढ़ेसाती के शुरुआत में या अंत में शादी होती है।
  • आपके जन्म के समय जो ग्रह थे यदि उनमें से अधिकांश ग्रहों की पुनरावृत्ति वर्तमान ग्रह स्थिति में हो जाए तो इसमें भी शादी का योग हो सकता है।
  • कुंडली का दूसरा घर हमारे परिवार से संबंध रखता है इस घर के स्वामी की दशा में घर में मांगलिक कार्य होते हैं और शादी से बड़ा मांगलिक कार्य किया होगा।
  • कुंडली का 9वां घर शुभ कर्मों का होता है जिस समय घर में धर्म के कार्य होते हैं सभी जानते हैं कि शादी के समय धर्म के कार्यों पर कितना खर्च होता है।
  • चौथा घर खुशियों से संबंधित होता है यदि आपके जीवन में खुशियां आने वाली हैं तो चौथे घर के स्वामी की दशा मैं शादी के रूप में खुशियों का आगमन हो सकता है।
  • सातवां घर पत्नी या विवाह का होता ही है यहां पर बैठे ग्रहों या दृष्टि रखने वाले ग्रहों में से किसी एक की दशा अंतर्दशा जब आ जाए तो समझ लीजिए कि शादी का समय आ गया है।

ऊपर दिए गए नियमों में से एक से अधिक जब आपकी जन्म कुंडली में बन जाएं तो निसंदेह यही समय आपकी शादी का है।

निष्कर्ष

उपरोक्त नियमों का पालन करके आप अपनी शादी का वर्ष जान सकते हैं परंतु हजारों नियम ऐसे हैं जिनका जिक्र यहां नहीं किया जा सकता।
यदि हमारे सामने आपकी कुंडली हो तो हम कुछ ही मिनटों में बता सकते हैं कि आपकी शादी कब होगी और हमारे द्वारा बताई गई भविष्यवाणियां अधिकतर सत्य साबित होती रही हैं क्योंकि हमारी गणना पूरी तरह से ज्योतिष और व्यवहारिक नियमों पर आधारित होती है जिस को बताने के लिए हमने कोई सॉफ्टवेयर डिजाइन नहीं किया अन्यथा शादी के योग जानने के लिए कई शादी के केलकुलेटर इंटरनेट पर उपलब्ध हैं उनसे केवल मनोरंजन की उम्मीद की जा सकती है यदि आपको अपनी शादी के विषय में जानना है तो एक बार हमसे संपर्क करें और हमें अपनी जन्मतिथि आदि का विवरण भेज कर एक बार अवश्य आजमाएं

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