जन्म कुंडली में दूसरा घर परिवार का और हमारे घर के माहौल का है हमारी अर्थव्यवस्था हम गरीब हैं या अमीर हैं और हमारी वाणी मुंह के बोल यह सब दूसरे घर से देखते हैं जब दूसरा घर हमारे जीवन में सक्रिय होता है तब क्या होता है और दुसरे घर को सक्रिय कैसे कर सकते हैं हम जानेंगे इस पोस्ट में.

कुंडली का दूसरे घर को सक्रिय कैसे बनाएं

आप अपनी कुंडली के दूसरे घर को सक्रिय करना प्रारंभ कर देते हैं जब आप अपनी वाणी पर नियंत्रण करना शुरू कर देते हैं जिस समय आप अपने शब्दों को नियंत्रण में रखते हैं दूसरों पर इसका प्रभाव पड़ता है यह आपको लंबे समय तक करना होता है अर्थात अपनी वाणी पर नियंत्रण.

  • वाणी पर नियंत्रण के मायने यह हैं गाली गलोच और अपशब्द पर लगाम लगाएं,
  • आधा सच या पूरा झूठ बोलने से पहले आपके मन में एक बार तो आवाज उठनी चाहिए,
  • झूठे वादे करने की अपेक्षा साफ इंकार करना अच्छा है,
  • कम शब्दों में अपनी बात को समझाने का प्रयत्न करें और इसकी प्रैक्टिस करते रहे,
  • आपके मुंह से निकले वाक्य व्यर्थ ना जाए इस बात का ख्याल रखना शुरू कर दें,
  • अपना मत रखने के लिए समय मांगने से परहेज न करें,
  • कभी हां कभी ना इस तरह के पैंतरे बदलने की आदत से परहेज करें या फिर ऐसी स्थिति ही उत्पन्न ना होने दें.,
  • कोई आपसे आपकी राय जानने की कोशिश करें तो यदि तारीफ करना मुश्किल हो तो कम से कम बुराई करने से बचें.
  • किसी की निंदा करने से कुंडली का दूसरा घर प्रभावित होता है और इस के नकारात्मक परिणाम होते हैं

उपरोक्त सभी चीजों को ध्यान में रखें निसंदेह आप की कुंडली का दूसरा घर एक्टिवेट हो जाएगा.

जैसा कि पहले भी कहा है आपकी जीभ के स्वाद कुंडली के दूसरे घर से कंट्रोल होते हैं जितना अधिक आप अपने खाने पीने की आदतों पर नियंत्रण रखेंगे उतने ही प्रभावशाली ढंग से आप अपनी कुंडली के दूसरे घर को एक्टिवेट कर पाएंगे इसलिए जो चीजें आप स्वाद के लिए खाते हैं और जिसका आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है उन चीजों से बचें.

आइए जानते हैं कुंडली के दूसरे घर को एक्टिवेट करने के फायदे.

कुंडली का दूसरा घर सक्रिय करने के फायदे

जहां तक फायदे की बात है तो इसके असीमित फायदे हैं कुंडली के दूसरे घर को परिवार का स्थान माना जाता है आपकी जमा पूंजी आपके घर में पड़ा पैसा या फिर आपकी जेब में पड़ा पैसा कुंडली के दूसरे घर से ही देखा जाता है इस घर को एक्टिवेट करने से दोनों जगह फर्क पड़ता है आपके घर का माहौल खुशनुमा हो जाएगा बरकत बढ़नी शुरू हो जाएगी धनसंपदा में वृद्धि होगी तथा गरीब अमीर का स्थान भी यही है यदि आप जल्दी अमीर बनना चाहते हैं तो कुंडली के दूसरे घर को एक्टिवेट करें

ऋषि मुनियों की तपस्या उनकी शक्ति होती है कैसी भी तपस्या हो उसमें आपने देखा होगा लंबे समय तक ऋषि मुनि शांत रहते हैं मोन रहते हैं यह मन उनकी वाणी को इतनी शक्ति दे देता है कि उनके मुंह से निकला वाक्य सत्य हो जाता है जिसके बल पर वह किसी को श्राप या वरदान देने योग्य हो जाते हैं.

इसलिए यदि आप कुंडली के दूसरे घर को एक्टिवेट करेंगे तो आपके मुंह से निकला आशीर्वाद दूसरों के लिए वरदान बन जाएगा और आपके मुंह से निकला अपशब्द दूसरों पर हथियार की तरह काम करेगा समय-समय पर मौन व्रत रखते रहने से आपको अपनी वाणी में शक्ति का एहसास हो जाएगा क्या यह कम फायदे की बात है.

कुंडली का दूसरा घर दूसरी शादी का भी होता है या फिर यूं कहें की दूसरी पत्नी का दूसरे पति का स्थान भी कुंडली का दूसरा घर ही है तो यदि आपके जीवन में दूसरी पत्नी या दूसरा पति है तो उसको आप आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं जी हां दूसरे घर को एक्टिवेट करके

कुंडली का दूसरा घर आपके पति की आयु का स्थान है आप अपने जीवन साथी की आयु में वृद्धि कर सकते हैं यदि आप कुंडली के दूसरे घर को एक्टिवेट करें.

निष्कर्ष

इस पर एक किताब लिखी जा सकती है परंतु फिलहाल इतना ही आपके सुझाव और आपकी राय मेरे लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है और एक बात आर्टिकल अच्छा लगा हो तो एक बार इसे शेयर अवश्य कर दीजिए धन्यवाद